ब्यूरो संजय मिश्रा चित्रकूट
चित्रकूट – शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) के कार्यों में घोर लापरवाही, शिथिलता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में आज जिला प्रशासन द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा की गई समीक्षा बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष अत्यंत खराब प्रगति पाए जाने पर 11 प्राविधिक सहायकों एवं बी.टी.एम./ए.टी.एम. का वेतन अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक (अवरूद्ध) दिया गया है।
दिनांक 11 जून, 2026 को हुई विभागीय समीक्षा के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि संबंधित क्षेत्र के उत्तरदायी कार्मिकों द्वारा प्रतिदिन मात्र 1 से 2 फार्मर रजिस्ट्री ही कराई जा रही है। उच्चाधिकारियों द्वारा लगातार दिए जा रहे निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद इन कर्मचारियों की कार्य पद्धति में कोई सुधार नहीं देखा गया। इसके अतिरिक्त, इन कार्मिकों के समय से क्षेत्र में न पहुँचने और राजकीय कार्यों के प्रति गंभीर न होने की बात भी सामने आई है।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अत्यधिक रोष प्रकट किया और इसे राजकीय कार्यों के प्रति घोर उदासीनता व स्वेच्छाचारिता माना है।
वेतन रोके जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची निम्नलिखित है:
- लेखपाल प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- जनार्दन सिंह प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- कु० सोनिया तिवारी प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- श्रीमती गरिमा गुप्ता प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- द्विवेन्द्र कुमार प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- रावेन्द्र कुमार प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- ओमप्रकाश प्रा0 सहायक (ग्रुप-सी)
- श्रीकान्त चौरिहा बी०टी०एम०
- प्रदीप कुमार ए०टी०एम०
- रामनरेश ए०टी०एम०
- जयकरन सिंह ए०टी०एम०
प्रशासन द्वारा उक्त समस्त कार्मिकों को कड़े लहजे में निर्देशित किया गया है कि:
वे अपने-अपने क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से समय पर पहुँचें और प्रतिदिन न्यूनतम 10 फार्मर रजिस्ट्री बनाना सुनिश्चित करें।
कार्य में लापरवाही और कम प्रगति के संबंध में 02 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करें।
यदि निर्धारित समयावधि (02 दिन) के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है या कार्य में तत्काल सुधार नहीं दिखता है, तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध सेवा नियमावली के तहत कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






