ब्यूरो संजय मिश्रा
चित्रकूट – जिलाधिकारी, चित्रकूट पुलकित गर्ग द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक भर देउल मंदिर, बरहा कोटरा तथा ऋषियन के नाम से प्रसिद्ध दो विशाल गुफाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के समय उप जिलाधिकारी मऊ, क्षेत्राधिकारी मऊ, कार्यदायी संस्था के सहायक परियोजना प्रबंधक एवं अन्य अभियंता उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान स्मारकों की वर्तमान स्थिति, संरक्षण की आवश्यकताओं एवं आगंतुक सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। बरहा कोटरा में पुरातत्व विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण उपरांत संरक्षण एवं सुव्यवस्था के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्मारक स्थलों पर सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाएँ, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के समुचित उपाय किए जाएँ, तथा संरक्षण मानकों के अनुरूप रखरखाव से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपादित किया जाए।
इस दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप सभी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रभावी रूप से हो सके और आमजन एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग को आपस समन्वय बनाकर समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने तथा संरक्षण कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद की पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
चित्रकूट – जनपद की पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है – जिलाधिकारी पुलकित गर्ग






