अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
करतला// गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंचे पहाड़ी कोरवा छात्र समर कोरवा की जिंदगी छात्रावास ने बदल दी।
ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले समर के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर से स्कूल की दूरी ज्यादा होने और रहने-खाने का ठीक इंतजाम न होने से उसकी पढ़ाई बीच में अटक रही थी।
इसी दौरान आदिवासी विकास विभाग की मदद से समर को फत्तेगंज स्थित बालक छात्रावास में प्रवेश मिल गया। यहां उसे रहने, खाने के साथ पढ़ाई के लिए शांत माहौल भी मिला।
समर कहता है – “छात्रावास में पढ़ाई का अच्छा माहौल है, अब मैं रोज स्कूल जा पाता हूं और मन लगाकर पढ़ पाता हूं।”
परिवार का कहना है कि छात्रावास मिलने से उनकी सबसे बड़ी चिंता खत्म हो गई है और बेटा अब अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।






