ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद में तय थी। वार्ता का मकसद दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को रोकना और युद्धविराम (सीज़फायर) को स्थायी बनाना था।
लेकिन पाकिस्तान में तैनात ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोगदम ने अपने X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट को डिलीट कर दिया। इस पोस्ट में उन्होंने यह जानकारी दी थी कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच रहा है। पोस्ट हटाए जाने से यह संकेत मिल रहा है कि ईरान वार्ता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं दिख रहा या सार्वजनिक जानकारी साझा करने में सतर्क है।
सीज़फायर की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में युद्धविराम लागू है, लेकिन यह अस्थिर है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने पहले तय शर्तों का उल्लंघन किया है, जिससे युद्धविराम पर खतरा बना हुआ है। वहीं, इजरायल और कुछ अन्य देश पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर भरोसा नहीं कर रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजदूत का पोस्ट हटाना रणनीतिक कदम हो सकता है, ताकि वार्ता के विषय में किसी भी तरह की गलत सूचना सार्वजनिक न हो।






