सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापन देकर शुगर की दवा के नाम पर ठगी का आरोप, दो आरोपी फरार
बरेली। बारादरी थाना पुलिस ने फर्जी आयुर्वेदिक दवाएं बेचने के आरोप में संचालित एक कथित कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह सोशल मीडिया पर शुगर ठीक करने के भ्रामक विज्ञापन चलाकर लोगों से ऑनलाइन ऑर्डर लेता था और उन्हें कथित आयुर्वेदिक दवाएं भेजता था। पुलिस ने मौके से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, 75 दवाइयों के पैकेट, फर्जी बिल और वेबसाइट से संबंधित डेटा बरामद किया है। मामले में दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
सैलानी में मकान से चल रहा था कथित कॉल सेंटर
पुलिस के मुताबिक, एसएसपी और एसपी सिटी के निर्देशन में थाना बारादरी पुलिस ने यादगार रेस्टोरेंट के पास मोहल्ला सैलानी स्थित एक मकान पर छापा मारा। जांच के दौरान पुलिस को यहां बिना वैध लाइसेंस के कथित कॉल सेंटर संचालित होने की जानकारी मिली।
आरोप है कि कॉल सेंटर के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर लेकर Diabo Diabetic Powder और Brahm Sugar Care नाम से कथित आयुर्वेदिक दवाएं ग्राहकों को बेची जा रही थीं। पुलिस ने मौके से साजिद मलिक, इस्लाम और मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया। वहीं मामले से जुड़े रऊफ और रिजवान फरार बताए गए हैं।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर चलाते थे भ्रामक विज्ञापन
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ग्राहकों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुगर से संबंधित भ्रामक विज्ञापन चलाए जाने का आरोप है। इनमें कथित तौर पर “तीन दिन में शुगर 100 फीसदी ठीक” करने जैसे दावे किए जाते थे।
ऐसे विज्ञापनों को देखकर संपर्क करने वाले लोगों से कॉल सेंटर के कर्मचारी बातचीत करते और कथित दवाओं के फायदे बताकर उन्हें ऑर्डर करने के लिए तैयार करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों को दवाएं बेची गईं और इससे कितने रुपये का कारोबार किया गया।
Shopify पर बनाई वेबसाइट, कैश ऑन डिलीवरी से भेजते थे पैकेट
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपनी गतिविधियों को वास्तविक कारोबार जैसा दिखाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी तैयार कर रखी थी। Shopify प्लेटफॉर्म पर वेबसाइट बनाकर उसके माध्यम से ग्राहकों के ऑर्डर लिए जाते थे।
ऑर्डर मिलने के बाद दवाइयों के पैकेट कैश ऑन डिलीवरी के जरिए भेजे जाते थे। ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के लिए पैकेट के साथ कथित फर्जी बिल भी भेजे जाने का आरोप है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान वेबसाइट और ऑनलाइन ऑर्डर से संबंधित डिजिटल डेटा भी कब्जे में लिया है।
14 मोबाइल और तीन लैपटॉप बरामद
पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कथित दवाओं के पैकेट बरामद किए हैं। इनमें 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और 75 दवाइयों के पैकेट शामिल हैं। इसके अलावा कथित फर्जी बिल और वेबसाइट से जुड़ा डेटा भी पुलिस के हाथ लगा है।
मोबाइल फोन और लैपटॉप में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, ग्राहकों के डेटा, ऑनलाइन विज्ञापनों और लेन-देन से संबंधित जानकारी सामने आने की संभावना है।
दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
बारादरी पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं फरार बताए जा रहे रऊफ और रिजवान की तलाश के लिए पुलिस संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित कॉल सेंटर कितने समय से संचालित हो रहा था, दवाओं की सप्लाई कहां से होती थी और इस पूरे नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।





