अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा//प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) खगेश निर्मलकर के नेतृत्व में लेपरा ग्राम पंचायत में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवासों की जमीनी स्थिति की बारीकी से जांच की गई। निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर 110 हितग्राहियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
घर-घर पहुंचकर हुई आवासों की जांच
अभियान के लिए जनपद पंचायत की ओर से कई जांच दल गठित किए गए थे। टीमों ने लेपरा पंचायत के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में पहुंचकर हितग्राहियों के घरों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्वीकृत आवासों की स्थिति, निर्माण शुरू होने की अवस्था, अब तक हुए कार्य और निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।
जांच के दौरान कई ऐसे हितग्राही मिले, जिन्होंने आवास स्वीकृत होने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था। वहीं कुछ आवासों का निर्माण शुरू होने के बाद भी लंबे समय से काम बंद मिला। कई मकानों में नींव, दीवार या छत स्तर का काम अधूरा पाया गया।
लापरवाही पर दो श्रेणी में नोटिस
निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर हितग्राहियों को अलग-अलग श्रेणी में नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सामान्य स्तर की लापरवाही पाए जाने वाले हितग्राहियों को पीला नोटिस दिया गया है, जबकि लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं करने या गंभीर रूप से लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों को लाल नोटिस जारी किया गया है।
लाल नोटिस को अंतिम चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। संबंधित हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ लेने के बावजूद निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी को अब गंभीरता से लिया जाएगा।
हितग्राहियों की समस्याएं भी सुनीं
जांच के दौरान अधिकारियों ने केवल लापरवाही की स्थिति ही नहीं देखी, बल्कि हितग्राहियों से निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली। कुछ हितग्राहियों ने निर्माण सामग्री, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य स्थानीय स्तर की परेशानियों के संबंध में अपनी बात रखी।
अधिकारियों ने ऐसे हितग्राहियों को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्हें समझाया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना है, इसलिए स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य को निर्धारित समय में आगे बढ़ाना आवश्यक है।
कई विभागों की टीम रही मौजूद
विशेष जांच अभियान के दौरान जनपद पंचायत का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा। इसके अलावा एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम, स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भी अभियान में शामिल रहे।
अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उन्हें आवास निर्माण में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया। टीम ने मौके पर आवासों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
जनपद पंचायत की इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य केवल नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि लंबित आवासों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराना है।
110 हितग्राहियों को नोटिस जारी होने के बाद अब संबंधित हितग्राहियों से जवाब लेने और निर्धारित समय-सीमा में निर्माण की प्रगति की दोबारा समीक्षा किए जाने की संभावना है। यदि नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य में सुधार नहीं आता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
धीमी प्रगति पर प्रशासन का स्पष्ट संदेश
लेपरा पंचायत में चलाए गए इस विशेष अभियान से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों को लंबित रखना या निर्माण शुरू करने में अनावश्यक देरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं जिन हितग्राहियों को वास्तविक तकनीकी या अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें विभागीय स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि नोटिस मिलने के बाद 110 हितग्राहियों के आवास निर्माण में कितनी तेजी आती है और निर्धारित समय-सीमा में कितने लंबित आवास पूरे हो पाते हैं।
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