उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक अजीब लेकिन गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक धार्मिक भोज में परोसे गए दही-रायते को लेकर पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हालात ऐसे बने कि करीब 160 लोग एहतियातन अस्पताल पहुंच गए।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, बदायूं के उझानी क्षेत्र के एक गांव में कुछ दिन पहले तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। भोज में भैंस के दूध से तैयार दही और उसी से बना रायता लोगों को परोसा गया।
कार्यक्रम के कुछ समय बाद जिस भैंस का दूध इस्तेमाल हुआ था, उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में यह चर्चा फैल गई कि भैंस को किसी पागल कुत्ते ने काट लिया था।
अफवाह से बढ़ा डर
जैसे ही यह बात फैली, भोज में शामिल लोगों में घबराहट शुरू हो गई। लोगों को आशंका हुई कि कहीं दही-रायता खाने से कोई गंभीर बीमारी न फैल जाए। डर के माहौल में लोग परिवार सहित अस्पताल पहुंचने लगे।
अस्पतालों में लगी भीड़
स्थिति यह रही कि 160 से अधिक लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के अस्पतालों में पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन दी और अलग काउंटर भी बनाया गया ताकि भीड़ को संभाला जा सके।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
स्वास्थ्य अधिकारियों और पशु विशेषज्ञों का कहना है कि दूध या उससे बने दही-रायते से रेबीज फैलने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
रेबीज संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवर की लार के सीधे संपर्क से फैलता है, खाने-पीने से नहीं।
हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि लोगों ने जो किया वह डर के कारण था और वैक्सीन लगवाने से कोई नुकसान नहीं होता।
प्रशासन की अपील
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें किसी भी जानकारी की पुष्टि डॉक्टरों या प्रशासन से करें घबराने के बजाय सही सलाह लें फिलहाल स्थिति नियंत्रण में अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी व्यक्ति में गंभीर बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।






