भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) के एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर साहू के चैंबर में एक अप्रत्याशित और भड़काऊ घटना हुई। जब वे लोक शिकायत निवारण बैठक कर रहे थे, तभी छह युवकों ने अचानक बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। यह हमला बीजेपी पार्षद जीवन बाबू की मौजूदगी में हुआ, जिसने मामले को राजनीतिक तूल दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि हमलावरों ने साहू को लात-घूसे से पीटा, कॉलर पकड़कर घसीटा और जबरदस्ती कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इस कृत्य ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद बीएमसी के कई अधिकारी विरोध स्वरूप सामूहिक अवकाश पर चले गए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक दल इस घटना को लेकर तीखी टिप्पणियाँ कर रहे हैं और इसे प्रशासन पर दबाव का उदाहरण बता रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर घटना बताया है।






