नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने ईरान के राजदूत से मुलाकात की और दूतावास के शोक रजिस्टर में अपनी भावनाएं दर्ज कीं।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई एक महान आध्यात्मिक शख्सियत थे, जिनकी शहादत को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वे यहां अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि और खिराज-ए-अकीदत पेश करने आए हैं।
नकवी ने अपने संदेश में शांति और मानवता की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत बुद्ध की धरती है और युद्ध का समर्थन कभी नहीं करता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार यह बात कहते रहे हैं कि किसी भी समस्या का समाधान शांति के रास्ते से ही संभव है, जबकि युद्ध खुद एक बड़ी समस्या बन जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि जिस क्षेत्र में यह संकट पैदा हुआ है, वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। ऐसे में वहां शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि वहां रहने वाले भारतीयों के हित और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मुख्तार अब्बास नकवी ने उम्मीद जताई कि मौजूदा संकट के इस दौर से जल्द ही अमन का रास्ता निकलेगा और इंसानियत सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की यही अपेक्षा है कि हालात सामान्य हों और मानवता पर आया यह संकट समाप्त हो सके।






