दिल्ली दंगों के आरोपी और पूर्व JNU छात्र नेता उमर खालिद की जमानत पर चल रही बहस के बीच अब भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने बड़ा बयान दिया है।
पूर्व CJI ने कहा कि अदालतें जमानत के मामलों में “न्याय की बारीकियों” को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकतीं। उन्होंने साफ किया कि केवल राजनीतिक दबाव या बहस के आधार पर न्यायपालिका के फैसलों पर सवाल उठाना गलत है।
चंद्रचूड़ ने इस दौरान वकीलों को भी कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि अदालत में बहस करते समय कुछ वकील व्यक्तिगत विचारधाराओं को हावी कर देते हैं, जिससे केस की गंभीरता प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा – “जमानत पर बहस कानूनी आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक एजेंडा चलाने के लिए। अदालतें संविधान और कानून के मुताबिक काम करती हैं।”
चंद्रचूड़ का यह बयान उमर खालिद की लंबी चल रही जमानत याचिका पर आए हालिया फैसले के बाद आया है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों में उनकी जमानत अटकी हुई है।






