मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन गई है। दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा आज की जा सकती है।राजनीतिक गलियारों में इसे ठाकरे परिवार के बीच वर्षों बाद सबसे अहम सुलह के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीएमसी चुनाव में भाजपा को सीधी चुनौती देने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया गया है। सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी शिवसेना (यूबीटी) की और सीमित लेकिन प्रभावशाली सीटें MNS के खाते में जा सकती हैं।बताया जा रहा है कि दोनों दल मुंबई के अलग-अलग इलाकों में अपने प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार उतारेंगे, ताकि वोटों का बंटवारा रोका जा सके। खास तौर पर मराठी वोट बैंक को एकजुट करने पर जोर दिया गया है।इस बीच कांग्रेस की भूमिका को लेकर स्थिति साफ नहीं है। फिलहाल कांग्रेस इस गठबंधन से बाहर नजर आ रही है और उसके अपने विकल्पों पर मंथन जारी है। ऐसे में बीएमसी चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की यह रणनीति जमीनी स्तर पर सफल रहती है, तो इसका असर सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की राज्य राजनीति पर भी पड़ेगा।अब सभी की नजरें आज होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जहां सीट शेयरिंग के साथ-साथ चुनावी रणनीति का भी खुलासा किया जा सकता है।
महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा फेरबदल दुशमनी भूल राज उद्धव साथ आए मिलकर लड़ेंगे…..






