कांग्रेस ने जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों पर बहुमत हासिल करने की तैयारी तेज कर दी है। इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन 2019 की तुलना में काफी बेहतर रहा है, जिससे कांग्रेस नेताओं में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। कई जिलों में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, और अब कांग्रेस यह मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहती।पार्टी के बड़े चेहरे जैसे प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल समेत अन्य वरिष्ठ नेता खुद मैदान में उतर आए हैं। ये नेता जिलों में लगातार बैठकों के जरिए रणनीति बना रहे हैं ताकि पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत पक्की की जा सके। साथ ही, चुनाव जीत चुके निर्दलीय उम्मीदवारों से भी चुपचाप बातचीत चल रही है ताकि उनका समर्थन हासिल किया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के मुताबिक, पार्टी नेताओं और जिलों में नियुक्त पर्यवेक्षकों की लगातार बैठकें हो रही हैं। जिलों से संभावित उम्मीदवारों के नामों की सूची प्रदेश कांग्रेस को भेज दी गई है और अब वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद ही फाइनल उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। कुल मिलाकर कांग्रेस इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और पूरी ताकत से चुनावी मोर्चे पर जुटी हुई है।
ALSO READ : https://expressnewslive.tv/flood-in-kashi-temples-and-sculptures-submerged-roads-closed/






