सहारनपुर! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक और जहां हल्के एवं भारी वाहन स्वामियों को वाहनों की फिटनेस करने तथा टैक्स जमा करने के लिए भारी छूट दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर सहारनपुर संभागीय के परिवहन विभाग के कार्यालय में तैनात दोनों प्राविधिक निरीक्षक और आर आई वाहनों की फिटनेस कराने के लिए आने वाले वाहन मालिकों का बेखोफ होकर आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न करने में लगे हैं हालात इस कदर खराब है कि ऑटो रिक्शा वाहन मालिकों द्वारा विभाग के पोर्टल पर शासन द्वारा निर्धारित फीस ₹600 जमा करने के बाद भी अवैधानिक रूप से लेट फीस के नाम पर ₹400 की वसूली दोनों आर आई करने में लगे हैं उत्तर प्रदेश परिवहन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने चालान होने पर भी वाहन की फिटनेस करने के नियम बना रखे हैं लेकिन इसके बाद भी ऑटो रिक्शाओं की फिटनेस नहीं हो पा रही है फिटनेस करने का समय दोनों आर आई ने कार्यालय समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित कर रखा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि कई बार दोपहर तक आर आई भी अपने कार्यालय से नदा एच एस आर पी का टोकन वाहन पर चस्पा न होने की वजह से भी सूत्रों के अनुसार ₹200 की वसूली की जा रही है कोई भी चालान होने पर वाहन का ट्रांसफर नहीं हो सकता जबकि फिटनेस हो सकती है पुख्ता सूत्रों के अनुसार सी एन जी चालित वाहनों में लगी किट की फिटनेस की जांच सरकार से अनुमोदित मशीन से की जानी चाहिए लेकिन मजेदार बात यह है कि सहारनपुर संभागीय परिवहन कार्यालय में तैनात आर आई यों के संरक्षण में सड़क दूधली में संचालित सी एन जी फ्यूल सिस्टम फिटनेस सेंटर पर शैम्पू के घोल से सी एन जी किट की जांच कर ₹1000 की फीस लेकर की जा रही है इसकी कोई रसीद भी नहीं दी जाती है! सूत्र बताते हैं कि अगर ऑटो रिक्शा चालक खुद वाहन की फिटनेस कराने कार्यालय में जाता है उसे तरह-तरह के कायदे कानून बताकर अधिकारी चक्कर कटवाते हैं जबकि दलालों के हर प्रकार के काम शीघ्रता से कर दिए जाते हैं सहारनपुर में एलपीजी किट की जांच करने का कोई सेंटर नहीं है इसी कारण एलपीजी एवं पेट्रोल से चलने वाले ऑटो रिक्शाओं की फिटनेस नहीं की जा रही है जिससे 2 जून की रोजी-रोटी कमाने वाले ऑटो चालकों की हालत भुखमरी के कगार पर पहुंच गई है
रिपोर्ट : अकरम






