अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कुकरीचोली//ग्राम पंचायत कुकरी चोली में मनरेगा भुगतान एवं प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर प्राप्त शिकायतों के संबंध में जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा स्वयं उपस्थित होकर स्थल निरीक्षण एवं जांच की गई। इससे पूर्व भी इस विषय में दो से तीन बार जांच हो चुकी थी, किंतु वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से पुनः निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन चार आवासों को लेकर जियो-टैगिंग संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनका भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि चारों आवासों का जियो-टैग किया गया है, जिनमें से दो आवास पूर्ण रूप से निर्मित पाए गए, जबकि दो आवास निर्माण के अंतिम चरण में हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि रोजगार सहायक द्वारा आवास पूर्ण होने से पूर्व ही जियो-टैगिंग कर दी गई थी, जो कि योजना के नियमों के विरुद्ध है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत कुकरी चोली के रोजगार सहायक पर पेनल्टी (दंड) लगाई गई तथा उसे अंतिम चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई भी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसके पश्चात अधिकारियों द्वारा चारों प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की गई और आवास निर्माण की स्थिति, भुगतान एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान मनरेगा जॉब कार्ड से संबंधित गंभीर अनियमितता भी सामने आई। जांच में पाया गया कि कुछ मामलों में वास्तविक हितग्राहियों द्वारा कार्य किए जाने के बावजूद मजदूरी की राशि उनके खातों में न जाकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित हो गई थी। इस संबंध में अधिकारियों ने संबंधित ग्रामीणों से बातचीत कर तथ्यात्मक जानकारी एकत्र की।
सीईओ द्वारा संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि मनरेगा के अंतर्गत भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा वास्तविक हितग्राहियों को ही समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाए। इस मामले में भी विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ग्राम पंचायत स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
शिकायतकर्ता अंकुश कुमार पटवा ने बताया कि जनपद पंचायत के सीईओ द्वारा स्वयं स्थल पर पहुंच कर जांच की गई जिसे यह साबित हुआ कि उनकी शिकायत निराधार नहीं थी उन्होंने कहा कि जांच के निष्पक्ष प्रक्रिया में संतुष्ट है।







