राजधानी लखनऊ से दिल देहला देने वाली खबर सामने आरही है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जहाँ एक बुजुर्ग को पेशाब साफ करने के लिए मजबूर किया गया , बताया जा रहा ही बुजुर्ग व्यक्ति बीमार थे और बीमारी के चलते गलती से मंदिर की सीडीयो में पेशाब निकल गया. इसके बाद स्वामीकांत उर्फ़ पुम्पू ने ना केवल उनसे पेशाब साफ करवाई बल्कि बुजुर्ग को गालियाँ दी लात से भी मारा गया ,मंदिर शुद्धिकरण का बोलकर बुजुर्ग से पेशाब भी चटवाई।
पीड़ित रामपाल ने थाना काकोरी पहुँचकर लिखित शिकायत भी दी गई। और न्याय की भी माँग की. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार किया और पुछताछ भी की जा रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि बुजुर्ग कई दिनों से बीमार हैं और गलती से ऐसा हुआ, लेकिन दबंग ने जातिसूचक गालियां देकर बर्बरता की हद पार कर दी। लखनऊ पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है क्या 21वीं सदी में भी इंसान की पहचान उसकी जाति से की जाएगी? समाज में बराबरी की बात करने वाले कानून के बावजूद, ऐसी घटनाएं व्यवस्था की सच्चाई बयां कर रही हैं।






