भारतीय शेयर बाजार में आज ऐसा तूफान आया जिसने निवेशकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 1600 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जबकि निफ्टी भी लगभग 500 अंक टूट गया। इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आंकी जा रही है। सवाल यह है कि आखिर बाजार में इतनी बड़ी बिकवाली क्यों हुई?
दिन की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव दिखाई दिया। शुरुआती घंटों में बिकवाली बढ़ती गई और जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों का भरोसा कमजोर होता गया। इसका असर दोनों प्रमुख सूचकांकों पर साफ नजर आया।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सामने आए एक अहम राजनीतिक बयान ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता का असर विदेशी निवेशकों के रुख पर भी पड़ा, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिला।
आज की गिरावट किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही। बैंकिंग, आईटी, ऑटो, मेटल और कैपिटल गुड्स जैसे प्रमुख सेक्टरों में व्यापक बिकवाली हुई। कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार पूंजीकरण में आई बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इसे घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की स्थिति बता रहे हैं।
अब निवेशकों की नजर अगले कुछ दिनों में आने वाले वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक नीतियों से जुड़े नए घटनाक्रम पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय माहौल सामान्य होता है तो बाजार में सुधार की संभावना भी बन सकती है।






