सागर ( मध्यप्रदेश)लालसाहब लोधी
सागर 22 जून 2026
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा राहतगढ़ में 23 जून दिन मंगलवार को विशेष जनसुनवाई का आयोजन जनपद पंचायत राहतगढ़ में प्रात 11 बजे से किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणजन अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के समक्ष रख सकेंगे। जनसुनवाई के दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदनों पर सुनवाई की जाएगी। मौके पर ही संबंधित विभागों के जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे, ताकि आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले आवेदनों को गंभीरता से लिया जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ तुरंत प्रदान किया जाए। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही उनकी शिकायतों का समाधान हो सकेगा। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने राहतगढ़ क्षेत्र के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि इस विशेष जनसुनवाई में अधिक से अधिक उपस्थित होकर जनसुनवाई का लाभ लें ।
सफलता की कहानी
उद्यानिकी विभाग की योजना बनी किसान की तरक्की का आधार
सागर 22 जून 2026
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर सागर जिले के पथरिया हाट निवासी किसान श्री ऋषिराज अहिरवार ने टमाटर की खेती में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। श्री ऋषिराज अहिरवार ने सरकारी परियोजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए अपनी पहली फसल के रूप में टमाटर की खेती की। छह माह की अवधि में उन्होंने मेहनत, उचित प्रबंधन और विभागीय मार्गदर्शन के माध्यम से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया। उनकी फसल से लगभग 2500 किलोग्राम टमाटर का उत्पादन हुआ, जिसे बाजार में औसतन 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया गया।
टमाटर उत्पादन से उन्हें 30 हजार रुपये की कुल आय प्राप्त हुई। खेती में बीज, खाद, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक कार्यों पर लगभग 5 हजार रुपये का व्यय हुआ। इस प्रकार उन्हें 25 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। श्री ऋषिराज अहिरवार का कहना है कि उद्यानिकी विभाग के सहयोग एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के कारण उन्हें अच्छा उत्पादन और लाभ मिला है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और विभागीय योजनाओं का लाभ लें तो कम लागत में भी बेहतर आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।







