लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, प्रारंभिक जांच में सामने आई लापरवाही के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
सरकार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। एसआईटी यह पता लगाएगी कि आग लगने की असली वजह क्या थी, सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं, और इस हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
इस बीच प्रशासन ने शहर के अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों और इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
फिलहाल, एसआईटी की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





