बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की एक छात्रा द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा होटल में एक युवक के साथ देखे जाने के बाद उसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। अब पुलिस केवल आत्महत्या की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो सबसे पहले किसने बनाया, किसने उसे वायरल किया और क्या उसके प्रसार से छात्रा पर ऐसा मानसिक और सामाजिक दबाव बना जिसने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
जानकारी के अनुसार छात्रा एक होटल में एक युवक और उसके एक साथी शोएब के साथ पहुंची थी। इसी दौरान सूचना मिलने पर कुछ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता होटल पहुंच गए, जहां काफी देर तक हंगामा हुआ। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने छात्रा और युवक के फोटो तथा वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए। बाद में यही वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित होने लगीं। घटना के दौरान युवक के साथ आए एक अन्य व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी। परिवार के लोगों का कहना है कि घटना के बाद वह बेहद परेशान रहने लगी थी और लोगों के बीच जाने से भी बच रही थी। मंगलवार रात उसने अपने घर में फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बिथरी चैनपुर थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की जांच अब डिजिटल साक्ष्यों पर भी केंद्रित है। अधिकारियों के अनुसार छात्रा का वीडियो किस मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया, उसे सबसे पहले किस सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया, किन-किन लोगों ने उसे आगे प्रसारित किया और वायरल होने की पूरी श्रृंखला क्या रही, इसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। संबंधित मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डेटा की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने छात्रा की निजता का उल्लंघन करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया, जानबूझकर उसे वायरल किया या किसी भी प्रकार से ऐसा कृत्य किया जिससे उसकी गरिमा प्रभावित हुई अथवा मामले में किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका बनती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके विरुद्ध उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और घटनास्थल से मिले अन्य प्रमाणों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया पर छात्रा के हिंदू और युवक के मुस्लिम होने का दावा करते हुए इस घटना को “लव जिहाद” से जोड़कर कई पोस्ट और संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अब तक इस मामले में ऐसे किसी कोण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए जांच पूरी होने तक इस घटना को किसी सांप्रदायिक या विशेष एंगल से जोड़ना उचित नहीं माना जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आत्महत्या के कारणों के साथ-साथ वीडियो रिकॉर्ड करने, उसे वायरल करने और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





