त्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के चर्चित धर्म परिवर्तन मामले में कोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। फुलत मदरसे से जुड़े मौलाना हफीजुर्रहमान और उनके बेटे जुबेर अंसारी को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने से मुकदमा खत्म नहीं हुआ है और मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाने में मौलाना हफीजुर्रहमान और उनके बेटे जुबेर अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए दोनों ने विशेष अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि एफआईआर में लगाए गए आरोप निराधार हैं और कथित घटनाएं उस समय की हैं जब संबंधित कानून लागू भी नहीं हुआ था। साथ ही, कथित पीड़ित का कोई बयान रिकॉर्ड पर नहीं होने का भी तर्क रखा गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने मौलाना हफीजुर्रहमान और जुबेर अंसारी को अग्रिम जमानत दे दी। अदालत के इस आदेश से दोनों को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। हालांकि पुलिस की विवेचना और मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी और अंतिम फैसला साक्ष्यों व सुनवाई के आधार पर होगा।
पीटीसी/आउट्रो:फिलहाल कोर्ट के इस फैसले से मौलाना हफीजुर्रहमान और उनके बेटे को अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन धर्म परिवर्तन मामले की कानूनी लड़ाई अभी जारी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है।






