आपकों बता दें कि अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के निर्णय पर सवाल उठाए जा रहे हैं, खासकर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा- 2024 और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 के संबंध में। अभ्यर्थियों ने आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं कि उसकी नीति अभ्यर्थियों को बांटने की है, लेकिन अभ्यर्थी न बंटेंगे, न हटेंगे । वहीं इस विवाद के कारण अभ्यर्थी बृहस्पतिवार देर रात तक धरने पर बैठे रहे। आयोग ने पीसीएस परीक्षा को एक दिन में कराने की घोषणा की है, लेकिन आरओ/एआरओ परीक्षा को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पीसीएस परीक्षा के लिए 576154 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं, जबकि आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए 1076004 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत हैं ।
आयोग ने आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जो एक दिन की परीक्षा कराए जाने की संभावनाओं पर विचार करेगी। अभ्यर्थी धरने से तब तक नहीं उठेंगे, जब तक आयोग आरओ/एआरओ के लिए वन डे वन शिफ्ट का नोटिस जारी नहीं कर देता है । यह मामला अभी भी विवादित है और अभ्यर्थियों की चिंता को दूर करने के लिए आयोग को जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना होगा।






