करतला/कोरबा। जिले के करतला परियोजना अंतर्गत संचालित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोटमेर, तुर्रीकटरा और तिलाईभाटा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर सामने आई जानकारी में शासन के निर्धारित समय और बच्चों की देखरेख से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं।
बताया गया है कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र तुर्रीकटरा समय से पहले बंद पाया गया। शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बताया गया है। इसके बावजूद केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद मिलने से विभागीय व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वहीं, करतला परियोजना अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र तिलाईभाटा का एक अन्य मामला भी सामने आया है। यहां छोटे बच्चों से बर्तन साफ करवाए जाने की बात कही जा रही है। मामले से संबंधित तस्वीर में बच्चे बर्तन साफ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यदि तस्वीर और घटना की पुष्टि होती है, तो यह बाल देखभाल केंद्र में बच्चों के साथ निर्धारित व्यवहार और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे में बच्चों से घरेलू अथवा केंद्र के काम करवाए जाने की शिकायत सामने आना चिंताजनक माना जा रहा है।
निगरानी व्यवस्था पर सवाल
इन घटनाओं के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित परियोजना और पर्यवेक्षण स्तर के अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण किस प्रकार किया जा रहा है। यदि केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद मिल रहा है या बच्चों से बर्तन साफ करवाए जा रहे हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच आवश्यक हो जाती है।
स्थानीय स्तर पर यह भी मांग उठ सकती है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा कोटमेर, तुर्रीकटरा और तिलाईभाटा के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविकता
हालांकि सामने आई तस्वीर और जानकारी के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागीय अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि केंद्र निर्धारित समय से पहले क्यों बंद था और तिलाईभाटा केंद्र में बच्चों से बर्तन साफ करवाने की स्थिति किन परिस्थितियों में बनी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा करतला परियोजना के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और संबंधित केंद्रों की जांच के बाद क्या कार्रवाई करते हैं।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट करतला से







