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मानिकपुर में भारी जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन और एसीसीएल की कार्यशैली पर उठे सवाल

शिवम अग्रवाल की रिपोर्ट
मानिकपुर//मानिकपुर क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम ने आम लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। सड़क पर जलभराव, भारी वाहनों की लंबी कतारें और घंटों तक रुका यातायात लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना। सुबह से लेकर देर शाम तक सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे स्कूली बच्चों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी भर जाने से यातायात की रफ्तार और धीमी हो गई। स्कूल बसों और निजी वाहनों में बैठे छोटे-छोटे बच्चे घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे वे समय पर स्कूल और घर नहीं पहुंच सके। कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी देर से पहुंचे, जबकि दूध, सब्जी, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन भी जाम में फंस गए। इसका सीधा असर आम जनता की दैनिक आवश्यकताओं और स्थानीय व्यापार पर पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानिकपुर में जाम की समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए न तो प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन किया गया और न ही वैकल्पिक मार्ग विकसित किए गए। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद प्रशासन की ओर से केवल अस्थायी व्यवस्था की जाती है, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इलाके में संचालित एसीसीएल के भारी वाहनों की लगातार आवाजाही भी जाम की प्रमुख वजहों में से एक है। उनका कहना है कि कंपनी अपने व्यावसायिक हितों और परिवहन व्यवस्था को प्राथमिकता देती है, लेकिन स्थानीय जनता को होने वाली परेशानियों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों के संचालन के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क रखरखाव और सुरक्षा संबंधी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से आम नागरिकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि एसीसीएल अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों (सीएसआर) और स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए तथा प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था सुधारने में सहयोग करे, तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उनका आरोप है कि कंपनी अपने व्यावसायिक लाभ पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि स्थानीय जनता की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
लोगों के अनुसार प्रशासन की प्राथमिकता भी इस गंभीर समस्या के समाधान की बजाय अन्य मामलों पर अधिक केंद्रित दिखाई देती है। नियमित ट्रैफिक व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सड़क चौड़ीकरण और जलनिकासी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी के कारण हर बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं।
बारिश और जाम के दोहरे संकट के बीच मानिकपुर की जनता अब स्थायी समाधान की मांग कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और एसीसीएल से मांग की है कि संयुक्त रूप से ठोस कार्ययोजना तैयार कर भारी वाहनों के संचालन के लिए समय निर्धारित किया जाए, सड़क और नालियों का सुधार कराया जाए, वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जाएं तथा ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब तक ठोस एवं प्रभावी कदम उठाकर मानिकपुर की जनता को रोज-रोज के जाम और अव्यवस्था से राहत दिला पाते

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