ब्यूरो संजय मिश्रा
चित्रकूट – मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईसीडीएस, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि संभव अभियान के अंतर्गत निर्धारित सभी इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा जनपद चित्रकूट को प्रदेश में अग्रणी स्थान दिलाने के उद्देश्य से सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सभी पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत अद्यतन सुनिश्चित करें। जिन आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार मानदेय रोकने की कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में निर्देशित किया गया कि सभी पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत पूरक पुष्टाहार (टीएचआर) उपलब्ध कराया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन, सीबीईवी एवं वीएचएसएनडी गतिविधियों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन फीडिंग सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों पर टाइल्स, रंगाई-पुताई एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास कराते हुए उनकी अद्यतन सूचना उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ई-कवच (e-Kavach) पोर्टल पर सभी पात्र लाभार्थियों की समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित पाँच आवश्यक दवाओं के वितरण के उपरांत उसी दिन संबंधित एएनएम द्वारा पोर्टल पर प्रविष्टि कराई जाए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ई-कवच एवं अन्य पोर्टलों पर की जा रही फीडिंग का अद्यतन स्टेटस 27 जुलाई को प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के अंतर्गत सभी पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समयबद्ध रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कार्य समय से पूर्ण न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि आगामी सप्ताह में उत्तर प्रदेश परियोजना निगम (यूपीपीसीएल), ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा सीएनडीएस के अधिशाषी अभियंताओं की बैठक आयोजित की जाए। साथ ही जिन ठेकेदारों अथवा कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) द्वारा कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है, उनके विरुद्ध जिलाधिकारी स्तर से नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
बैठक के दौरान चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों पर पेयजल आपूर्ति एवं पोषण वाटिकाओं के अनुरक्षण में अपेक्षित प्रगति न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस संबंध में विस्तृत प्रगति आख्या सात दिवस के भीतर जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध करा दी जाएगी।
बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि नियमित अनुश्रवण, प्रभावी समन्वय एवं समयबद्ध कार्यवाही के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे जनपद चित्रकूट को पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में स्थापित किया जा सके।बैठक में डीपीआरओ देवेंद्र सिंह, सीएमओ एम के त्रिपाठी सहित सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर्स, प्रभारी चिकित्साधिकारी, जिला सूचना अधिकारी ,डीडीओ एवं उपायुक्त ग्रामीण आजीविका मिशन और कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






