राजेश कुमार बघेल की रिपोर्ट
बिलाईगढ़//छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बिलाईगढ़ विधानसभा की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने क्षेत्र की सांस्कृतिक उपेक्षा का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पर्यटन मंत्री से प्रदेश में सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र एवं ऑडिटोरियम के निर्माण तथा बिलाईगढ़ में सांस्कृतिक सुविधाओं की स्थिति पर जवाब मांगा।
सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सदन में स्वीकार किया कि बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जून 2026 तक एक भी शासकीय सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र अथवा ऑडिटोरियम स्थापित नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, सरकार ने यह भी बताया कि इस संबंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ, और भविष्य में प्रस्ताव मिलने पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस जवाब पर विधायक कविता प्राण लहरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि बिलाईगढ़ लोक कला, लोक संस्कृति और प्रतिभाशाली कलाकारों की समृद्ध धरती है, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण आज तक क्षेत्र को एक भी शासकीय सांस्कृतिक भवन या कला केंद्र नहीं मिल सका। इससे स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए उचित मंच उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के सांस्कृतिक विकास की बात की जाती है, तब बिलाईगढ़ को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। सरकार की यह स्वीकारोक्ति स्वयं साबित करती है कि क्षेत्र की सांस्कृतिक आवश्यकताओं की अनदेखी की गई है।
विधायक कविता प्राण लहरे ने मांग की कि बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शीघ्र शासकीय सांस्कृतिक भवन, आधुनिक कला केंद्र एवं ऑडिटोरियम की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र के लोक कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और युवाओं को अपनी कला और संस्कृति को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए स्थायी मंच मिल सके।






