सागर (मध्यप्रदेश)
लालसाहब लोधी
सागर: 16 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जुलाई 2026 को संभाग के टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 2 बजे कटनी जिले के सलिमानाबाद हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2ः55 बजे टीकमगढ़ हेलीपैड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टीकमगढ़ में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री शाम 5ः35 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर शाम 6ः05 बजे छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे 6ः10 बजे विमान द्वारा भोपाल के लिए रवाना होंगे।
कलेक्टर की अभिनव पहल से साकार होगा किसानों के स्वरोजगार का सपना
किसानों को मिलेगा कृषि आधारित उद्यमों का लाभ
सागर, 16 जुलाई 2026
किसानों को खेती के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एक अभिनव पहल की है। उनके मार्गदर्शन में कृषक स्वरोजगार हेतु जिले के किसानों के लिए आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य शुरू हो चुके हैं।
किसानों को विभिन्न कृषि एवं कृषि आधारित स्वरोजगार इकाइयों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लगभग 23.38 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना में आधुनिक कृषि अधोसंरचना एवं मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे किसान अपनी उपज का बेहतर संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन कर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे। ऐसे सभी इकाइयों को विकसित करने के लिए आवश्यक बैंक लिंकेज की सुविधा भी रहेगी। आमतौर पर शासकीय योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त भी बैंक लिंकेज सुनिश्चित किया जाएगा जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान कृषि को लाभ का धंधा बनाकर कृषि आधारित अपने उद्योग विकसित कर पाएं बल्कि उनके द्वारा दिए गए ऋण को भी चुकाने में सक्षम रहें।
इस महत्वाकांक्षी योजना में कृषि एवं संबद्ध विभागों से संबंधित इकाइयों के तहत कोल्ड रूम, ग्रेडिंग एवं प्रोसेसिंग प्लांट, फार्मगेट पैक हाउस, लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस, प्याज-लहसुन भंडारण संरचना, साइलेज यूनिट, कस्टम हायरिंग, कृषि यंत्रीकरण, पिग फार्मिंग, मत्स्य पालन, झींगा पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन जैसी अनेक स्वरोजगार परियोजनाएं शामिल की गई हैं।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की सोच है कि किसान केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि को एक लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करें। इसी उद्देश्य से जिले के सभी विकासखंडों में किसानों को प्रोत्साहित कर परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कई किसानों ने स्वयं के निवेश से वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी, पॉलीहाउस, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं अन्य कृषि उद्यम स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
परियोजना से फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति में कमी आएगी, वैज्ञानिक भंडारण एवं प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित होंगी, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा और किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण कार्ययोजना को सफल बनाने के उद्देश्य से न केवल विभिन्न विभागों का समन्वय स्थापित किया जा रहा है बल्कि सफल किसानों को भी शामिल किया गया है जिनके अनुभव और दूरदृष्टि का लाभ अन्य किसान भाइयों को भी मिल सकेगा। इसी संबंध में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दो एफपीओ (देवश्री, रहली फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी) को भी शामिल किया गया और उनके सुझावों को यथासंभव शामिल किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की यह दूरदर्शी पहल कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलने की दिशा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है। स्वरोजगार आधारित यह मॉडल किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में जिले के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।







