झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
कृषि विज्ञान केन्द्र, झालावाड़ द्वारा आत्मा, झालावाड़ द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय खरीफ पूर्व कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन दिनांक 23-24 जून 2026 को किया गया। कार्यक्रम में झालावाड़ जिले के 25 अनुसूचित जाति के कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भागीदारी निभाई। केन्द्र के प्रसार शिक्षा वैज्ञानिक डाॅ. मौहम्मद युनुस ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए किसानों को खरीफ पूर्व झालावाड़ जिले की मुख्य फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकियों से अवगत करवाया साथ ही उपस्थित किसानों की कृषि संबंधित समस्याओं का समाधान भी बताया। कार्यक्रम प्रभारी एव पशुपालन वैज्ञानिक डाॅ. हितेश मुवाल ने उपस्थित किसानों को डेयरी पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन इत्यादि विषय पर विस्तारपूर्वक वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाई साथ ही पशुपालन संबंधित समस्याओं का समाधान भी बताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानो को खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों से अवगत करवाते हुए उपस्थित किसानों कोे मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी जिसमे मृदा नमूना लेना, मृदा की जाँच करने की महत्वता व अनुशंषा के आधार पर उर्वरक प्रबन्धन करने पर जोर दिया। किसानों को हरी खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लाभों के बारे में बताया। साथ ही ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई के फायदे जैसे कीट एवं रोग नियंत्रण तथा मिट्टी की संरचना सुधार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, आगामी खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन एवं समुचित कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों को जागरूक किया गया। किसानों ने गोष्ठी में रुचि दिखाते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में किसानो को खेत पर ले जाकर प्रायोगिक रूप से मृदा नमूना लेने के तरीके का विधि प्रदर्शन, खेत में गोबर खाद, हरी खाद इत्यादि का उपयोग करके भी दिखाया गया, साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।







