उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से अंधविश्वास की एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि भूत-प्रेत उतारने के नाम पर एक महिला को गंगा नदी में बार-बार डुबोया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान महिला के पति ने जब तांत्रिक को रोकने की कोशिश की, तो तांत्रिक ने कथित तौर पर कहा, “चुप कर, कुछ नहीं होगा।”
बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत खराब होने पर परिवार उसे इलाज के बजाय तांत्रिक के पास ले गया था। तांत्रिक ने दावा किया कि महिला पर किसी बुरी शक्ति का साया है और उसे दूर करने के लिए गंगा में अनुष्ठान करना जरूरी है। इसी दौरान महिला को नदी में डुबोया गया और उसकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों के अनुसार, जब महिला बेहोश होने लगी तो पति ने विरोध किया, लेकिन तांत्रिक अपनी बात पर अड़ा रहा। बाद में महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। आरोपित तांत्रिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को सामने लाती है, जहां वैज्ञानिक इलाज की जगह तंत्र-मंत्र पर भरोसा एक महिला की जान पर भारी पड़ गया।





