बरेली/इज्जतनगर। पीलीभीत रोड स्थित सुमंगलम ढाबा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। ढाबे से जुड़े कथित GEO Tagged फोटो और वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वायरल हो रही इन तस्वीरों एवं वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज है तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित ढाबे को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। समय-समय पर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा जांच और छापेमारी की कार्रवाई भी किए जाने की बात सामने आती रही है। इसके बावजूद ढाबे का नाम बार-बार विवादों में आने से प्रशासनिक निगरानी और प्रभावी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में सामने आए कथित GEO Tagged फोटो और वीडियो ने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है। दावा किया जा रहा है कि इन डिजिटल सामग्रियों में स्थान संबंधी जानकारी दर्ज है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तस्वीरें और वीडियो संबंधित स्थल के आसपास ही रिकॉर्ड किए गए हैं। हालांकि इन फोटो और वीडियो की सत्यता तथा उनमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति केवल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ढाबे पर नियमों का उल्लंघन होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि देर रात तक गतिविधियां संचालित होने और कथित रूप से शराब सेवन से जुड़े विवादों के कारण आसपास के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा नहीं की गई है।
मामले को गंभीर बनाने वाला एक महत्वपूर्ण पहलू ढाबे की भौगोलिक स्थिति भी है। सुमंगलम ढाबा बरेली एयरपोर्ट के निकट स्थित बताया जाता है। एयरपोर्ट और उससे जुड़े क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उस पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है।
क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं तो संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे अफवाहों पर भी रोक लगेगी और जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा। लोगों का कहना है कि पारदर्शी जांच ही इस विवाद का स्थायी समाधान निकाल सकती है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान को अनावश्यक विवादों से राहत मिलनी चाहिए, और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में निगाहें पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सामने आए कथित GEO Tagged फोटो-वीडियो और अन्य शिकायतों में कितनी सच्चाई है तथा क्या किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ है। तब तक यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
सुमंगलम ढाबे को लेकर फिर उठे सवाल, GEO Tagged फोटो-वीडियो के बाद जांच की मांग तेज






