पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के करीब 20 लोकसभा सांसद अलग लाइन लेने की तैयारी में हैं और NDA को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कुछ सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। वहीं दूसरी ओर, इन नेताओं की मुलाकात बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य सरकार में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari तथा पार्टी के प्रदेश प्रभारी से होने की चर्चा भी तेज है।
बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व से नाराज़ कई सांसद संगठन में फैसलों के तरीके और आगामी चुनावी रणनीति से खुश नहीं हैं। इसी बीच एक राज्यसभा सांसद के इस्तीफे की खबर ने अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नेता ने खुलकर सामने आकर बयान नहीं दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर इतने बड़े स्तर पर टूट होती है तो इसका असर सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। विपक्षी गठबंधन की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से फिलहाल इन दावों को अफवाह बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और भाजपा भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कौन नेता खुलकर सामने आता है और क्या सच में बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा सियासी उलटफेर होने वाला है।
ममता सरकार को बड़ा झटका! TMC में भगदड़ के संकेत, 20 सांसदों के NDA समर्थन की चर्चा






