मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरानी अधिकारियों ने बुधवार को घोषणा की कि लंबी और गहन बातचीत तथा क्षेत्रीय मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच दो हफ्तों का ceasefire (युद्धविराम) लागू किया गया है, जिसे तेहरान ने एक “महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत” बताया है।
समझौते की शर्तें क्या हैं?
इस समझौते के तहत ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने सहमति दी है कि यदि अमेरिका और “इजरायल” अपने हमले रोक देते हैं, तो वे भी अपनी रक्षात्मक सैन्य कार्रवाई (defensive operations) को स्थगित कर देंगे।
साथ ही, अगले 2 हफ्तों के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। यह आवाजाही ईरान की सेना के समन्वय और तकनीकी प्रतिबंधों के तहत होगी।
ईरान का आधिकारिक बयान
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान जारी करते हुए कहा:
“पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका की ओर से उसके 15-पॉइंट प्रस्ताव के आधार पर बातचीत के अनुरोध तथा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10-पॉइंट प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, मैं यह घोषणा करता हूं कि यदि ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी।”
अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के लिए “अथक प्रयास” किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह ceasefire ईरानी बलों के बलिदान और जनता के निरंतर समर्थन को दर्शाता है।
ईरान की 10 शर्तें क्या हैं?
इस ceasefire के साथ ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी 10 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनका उद्देश्य उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव को सुनिश्चित करना है:
- अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से हमला न करने की गारंटी (Non-aggression)
- Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण जारी रहे
- यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) के अधिकार को मान्यता
- सभी प्राथमिक प्रतिबंध (primary sanctions) हटाए जाएं
- सभी द्वितीयक प्रतिबंध (secondary sanctions) समाप्त किए जाएं
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्ताव समाप्त किए जाएं
- Board of Governors के सभी प्रस्ताव समाप्त किए जाएं
- युद्ध से हुए नुकसान का भुगतान (compensation)
- अमेरिकी सेना की क्षेत्र से वापसी
- लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त किया जाए
ईरान ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि ceasefire का इस्तेमाल दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए न किया जाए और अमेरिका व उसके सहयोगी non-aggression की स्पष्ट गारंटी दें।
रणनीतिक मुद्दे भी अहम
ईरान ने Strait of Hormuz पर अपने नियंत्रण को बनाए रखने की मांग की है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है। इसके जरिए ईरान अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना चाहता है।
साथ ही, उसने अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने और सभी तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने की मांग भी रखी है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और वैश्विक व्यापार फिर से शुरू हो सके।
“इजरायल” भी ceasefire में शामिल
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CNN को बताया कि “इजरायल” ने भी इस अस्थायी ceasefire में शामिल होने पर सहमति जताई है और बातचीत के दौरान अपनी बमबारी रोकने का फैसला किया है।
यह ceasefire अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उस समय घोषित किया गया जब उन्होंने ईरान को Strait of Hormuz खोलने के लिए एक समयसीमा दी थी। बताया गया कि यह घोषणा डेडलाइन से लगभग 90 मिनट पहले की गई।
आगे क्या?
फिलहाल यह ceasefire केवल अस्थायी राहत है। आने वाले दो हफ्तों में दोनों देशों के बीच इन्हीं 10 बिंदुओं पर विस्तृत बातचीत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन शर्तों पर सहमति बनती है, तो यह मध्य पूर्व में लंबी अवधि की शांति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ यह ceasefire क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम है, लेकिन अभी अंतिम समझौता दूर है।
साफ है:
फिलहाल जंग रुकी है, लेकिन खत्म नहीं हुई — अब फैसला बातचीत की मेज






