धार: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि परिसर में सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रार्थना की जा सकेगी।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी और किसी भी पक्ष की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। अदालत ने यथास्थिति और शांति बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता।भोजशाला को लेकर लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। एक पक्ष इसे माता वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। इसी विवाद के चलते अलग-अलग दिनों में पूजा और नमाज की व्यवस्था को लेकर समय-समय पर प्रशासनिक निर्देश जारी होते रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत के निर्देशों के बाद भोजशाला परिसर में व्यवस्थाएं किस तरह लागू की जाती हैं और आगे की सुनवाई में क्या रुख सामने आता है।






