खानाबदोश समुदाय की डेढ़ साल की एक बच्ची की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। उसका अंतिम संस्कार मेहकर शहर के जनाफल रोड स्थित एक झुग्गी बस्ती के पास किया गया।
हालाँकि, अंतिम संस्कार के लिए गड्ढा ठीक से नहीं खोदा गया था, इसलिए शव पूरी तरह से दफनाया नहीं जा सका। नतीजतन, इलाके के आवारा कुत्तों ने रात में गड्ढा खोदकर बच्ची के शव को बाहर निकाला और उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
सुबह यह दृश्य देखकर नागरिकों ने पुलिस को सूचना दी। मेहकर पुलिस, फोरेंसिक टीम और अधिकारी मौके पर पहुँचे। जाँच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह घटना हत्या का नहीं, बल्कि अंतिम संस्कार के दौरान हुई लापरवाही का मामला है।
इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया है और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ हुई हैं।
रिपोर्टर मो अकील बुलढाणा






