उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव समय पर कराने की पूरी तैयारी कर ली है। जैसे ही सरकार एससी-एसटी आरक्षण तय करेगी, तभी चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने 4 नवंबर को सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कहा कि पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे। उन्होंने मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हटाने और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
इस बार आयोग ने उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा और आवेदन शुल्क दोनों बढ़ाए हैं। ग्राम प्रधान के लिए खर्च सीमा 1.25 लाख, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के लिए 3.5 लाख और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 7 लाख रुपए तय की गई है। वहीं, बैलेट पेपर छपाई का काम भी शुरू हो गया है, लगभग 75 करोड़ बैलेट पेपर तैयार किए जाएंगे। जानकारों के मुताबिक, असल में उम्मीदवारों का खर्च इससे कई गुना ज्यादा होता है। बड़े जिलों में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार 10 से 15 करोड़ रुपए तक खर्च कर देते हैं।
रिपोर्ट : ज्योति नौटियाल






