बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासत अपने चरम पर है। इसी बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शुक्रवार को राजधानी पटना में अपना “संकल्प पत्र 2025” जारी किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में जारी इस घोषणापत्र को गठबंधन ने “बिहार के सर्वांगीण विकास का रोडमैप” बताया।
क्या हैं NDA के मुख्य वादे?
घोषणापत्र में बिहार के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार को लेकर कई वादे किए गए हैं।
रोजगार पर फोकस: सरकार ने हर जिले में औद्योगिक क्लस्टर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने का वादा किया है।
महिलाओं को सशक्त बनाने की बात: 50% आरक्षण के साथ “महिला उद्यमी मिशन” चलाने का दावा किया गया है।
कृषि सुधार: सिंचाई योजनाओं का विस्तार, और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य सुविधाएं: प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने की योजना।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार: हर जिले में एक मॉडल स्कूल और टेक्निकल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा।
NDA का यह घोषणा पत्र विकास के नए वादों से भरा जरूर है, लेकिन रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर जनता का भरोसा फिर से जीत पाना चुनौती होगी।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार चुनावी मैदान में युवा और महिला वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।






