झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
गौशाला संचालकों, पशुपालकों और अधिकारियों के साथ झालावाड़ में समीक्षा बैठक आयोजित
झालावाड़, 3 अगस्त। राजस्थान सरकार के पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य को दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए सरकार बहुआयामी रणनीतियों पर कार्य कर रही है।
वे रविवार को झालावाड़ जिले में गौशाला संचालकों, पशुपालकों एवं पशुपालन व डेयरी विभाग के अधिकारियों के साथ जिला परिषद के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
सेक्स सोर्टेड तकनीक से दुग्ध उत्पादन में आएगा उछाल
खासकर दुग्ध उत्पादन के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी ज्यादा वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रदेश में गाय की संख्या में बढोतरी के लिए सैक्स सोर्टेड सीमन योजना को लागू किया गया है। ऐसा होने से प्रदेश में गौवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढे़गा।
श्री कुमावत ने इस अवसर पर कहा कि सेक्स सोर्टेड तकनीक किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अभी यह तकनीक पशुपालकों के लिए महंगी है इसीलिए सरकार इस तकनीक को पशुपालकों की पहुंच में लाने के लिए सस्ती दर पर सेक्स सोर्टेड सीमन पशुपालकों को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पशुपालन के क्षेत्र में एक वरदान साबित होगी क्योंकि इस तकनीक से मादा पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और नर पशुओं की संख्या में कमी आएगी।
दुग्ध सहकारी समितियों को गांव-गांव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
श्री कुमावत ने निर्देश दिए कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में समितियां किसानों से नियमित संवाद करें और अपने कार्यों को और प्रभावी बनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि जो पशुपालक और डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।
सांसद दुष्यंत सिंह ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में झालावाड़-बारां सांसद श्री दुष्यंत सिंह ने कहा कि पशुपालकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्रीय स्तर पर नस्ल सुधार कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाए और दुग्ध क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर गांवों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौशालाओं के आधुनिकीकरण, पशु चिकित्सा सुविधाओं की मजबूती और चारे की नियमित आपूर्ति पर भी बल दिया।
जिला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन पशुपालकों और गौशालाओं को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जमीनी क्रियान्विति में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
बैठक में मनोहर थाना विधायक गोविन्द रानीपुरिया, डग विधायक कालूराम मेघवाल, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, सीईओ शम्भूदयाल मीणा, जिला स्तरीय अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिनिधि तथा जिले के प्रमुख गौशाला संचालक उपस्थित रहे।
गौशाला का किया निरीक्षण
बैठक से पहले कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन किए और झालरापाटन स्थित गौ संसार गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में गौवंश के रखरखाव, चारे-पानी एवं साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला प्रबंधकों द्वारा मंत्री श्री कुमावत को अवगत कराया गया कि गौशालाओं में पशुओं की चिकित्सा सुविधा एक प्रमुख आवश्यकता है।
इस पर जानकारी दी गई कि राज्य सरकार द्वारा संचालित 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं






