चीन ने एक बार फिर अपनी ओछी मानसिकता और सांस्कृतिक असंवेदनशीलता का प्रदर्शन किया है। इस बार मामला भारत के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें ‘भगवान जगन्नाथ’ की तस्वीर एक पायदान (डोरमैट) पर छपी हुई दिखाई दे रही है। यह डोरमैट चीन में बना बताया जा रहा है और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री के लिए भी उपलब्ध है।
हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ को विष्णु के अवतार के रूप में पूजा जाता है और विशेषकर ओडिशा के पुरी में हर साल उनकी रथ यात्रा भव्य रूप से निकाली जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार से उनकी छवि का अपमान न केवल धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता है, बल्कि भारत-चीन रिश्तों में नई दरार भी डाल सकता है।
धार्मिक भावनाओं को चोट
तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स में गुस्सा फूट पड़ा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #BoycottChineseProducts और #RespectJagannath जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोगों ने इसे भगवान का अपमान बताते हुए चीनी प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की मांग उठाई है।
सरकार से कार्रवाई की मांग
देश के कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भारत सरकार से इस मामले में चीन को कड़ी फटकार लगाने की मांग की है। साथ ही यह भी अपील की जा रही है कि ऐसे किसी भी प्रोडक्ट को भारत में न बेचा जाए और संबंधित वेबसाइट्स पर पाबंदी लगाई जाए।
क्या कहता है कानून?
भारतीय कानून के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि यह प्रोडक्ट चीन का है, लेकिन अगर इसे भारत में बेचा गया तो यहां के कानूनों के तहत उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।






