मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। दोनों को दोषी करार दिए जाने के बाद अब अदालत 14 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनाएगी।
फैसले से पहले बुधवार सुबह से ही मेरठ जिला अदालत में हलचल बनी रही। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों को दोषी माना।
करीब 125 तारीखों के बाद आया फैसला
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाह पेश किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक मुकदमे में करीब 125 तारीखें लगीं और दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।
फैसले के दौरान मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से पेशी हुई। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा पर अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है।
तीन मिनट में सुनाया दोषसिद्धि का फैसला
रिपोर्ट के अनुसार, जिला जज शाम करीब 4:51 बजे अदालत में पहुंचे और इसके कुछ ही देर बाद दोनों आरोपियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात हुई। इसके बाद लगभग तीन मिनट में अदालत ने दोनों को दोषी करार देने संबंधी टिप्पणी सुनाई।
अदालत ने सजा पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख 14 अक्टूबर तय की है। यानी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों को कितनी सजा मिलेगी।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
अभियोजन के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में उनकी पत्नी मुस्कान और साहिल पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगे थे। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और गवाहियों को अदालत के सामने रखा गया, जिसके आधार पर दोनों को दोषी ठहराया गया।
अब सभी की नजरें 14 अक्टूबर की सुनवाई पर हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि दोषी ठहराए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस तरह की सजा दी जाएगी।





