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गुर्जर समाज ने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन को लेकर की विशेष पहलमृत्यु भोज में फिजूलखर्ची पर रोक का लिया संकल्प

झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट


झालावाड़।
गुर्जर समाज द्वारा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मृत्यु भोज में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में ग्राम बोरदा में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि अब मृत्यु भोज कार्यक्रम में केवल सब्जी-पूड़ी ही बनाई जाएगी।
राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री बजरंग गुर्जर ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए वरिष्ठजनों की सहमति से गांव-गांव जाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीति, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालती है, उसे समाप्त करने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है।
बैठक में उपस्थित समाजजनों ने निर्णय लिया कि महंगे पकवानों की परंपरा को समाप्त कर सादगी को अपनाया जाएगा। इससे बचने वाली राशि का उपयोग महिला शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास तथा युवाओं के भविष्य को संवारने में किया जाएगा।
इसके साथ ही समाज ने विवाह समारोहों में भी अनावश्यक खर्च, शराब पार्टियों और असंस्कारी प्रदर्शनों पर रोक लगाने का संकल्प लिया। यह अभियान मृत्यु भोज जैसी कुरीति के क्रमिक उन्मूलन का सशक्त माध्यम बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मृत्यु भोज रोकथाम की यह मुहिम पूर्व जिला प्रमुख दिवंगत सुजान सिंह गुर्जर के कार्यकाल में शुरू हुई थी, जिसे उनके पुत्र कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर आगे बढ़ा रहे हैं। इस अभियान को कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. फूल सिंह सहित समाज के कई प्रबुद्धजनों का भी समर्थन प्राप्त है।
बैठक के अंत में गांववासियों ने गुड़ बांटकर एक-दूसरे का मुंह मीठा किया और समाज की इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की।

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