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ईरान और पाकिस्तान में तालिबान को लेकर क्यों, बढ़ रहा है टकराव…

अफ़ग़ानिस्तान के छह पड़ोसी देशों में से ईरान एक अहम देश है.

अफ़ग़ानिस्तान की कमान तालिबान के हाथ में आने के बाद से ईरान भी आशंकित है. ईरान न केवल तालिबान से आशंकित है बल्कि अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चिंतित है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गल्फ़ अरब के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अगर टकराव शुरू होता है तो चीन-पाकिस्तान एक तरफ़ होंगे और भारत, रूस, ईरान एक तरफ़. ईरान के विदेश मंत्री की भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी अफ़ग़ानिस्तान को लेकर बात हुई है.

तेहरान टाइम्स के अनुसार 12 सितंबर को ईरान के एक सांसद ने कहा था कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई प्रमुख फ़ैज़ हामिद पंजशीर घाटी में तालिबान की हिंसक कार्रवाई में शामिल थे.

ईरानी सांसद ने ये भी कहा था कि तालिबान की कैबिनेट के गठन में भी आईएसआई प्रमुख की भूमिका थी. उन्होंने कहा था कि ईरान पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी भूमिका सुनिश्चित करने की अनुमति नहीं देगा.

ऐसी टिप्पणी केवल ईरान की तरफ़ से ही नहीं बल्कि तालिबान की ओर से भी आ रही है. मंगलवार को तालिबान के प्रवक्ता सैयद ज़र्कुराल्लाह हाशमी ने टोलो न्यूज़ टीवी पर एक बहस के दौरान ईरान पर निशाना साधते हुए कहा था, ”पिछले 40 सालों में ईरान में कोई सुन्नी मंत्री नहीं बना. हमने ये कभी नहीं कहा कि शिया को कोई पद नहीं देंगे. हमारी कैबिनेट में कोई शिया मंत्री नहीं है, इसका मतलब ये नहीं है कि शियाओं को कोई पद नहीं मिलेगा.”

पाकिस्तान का विरोध

भारत के जाने-माने सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़ा किया और ईरान से सहानुभूति जताई है. ब्रह्मा चेलानी ने ट्वीट कर कहा है, ”अमेरिका के लिए ईरान वैसा देश है जो राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देता है लेकिन सऊदी अरब दुनिया भर में जिहादियों को सबसे ज़्यादा फ़ंड मुहैया कराता है और पाकिस्तान आतंकवादियों की शरणस्थली है, वे उनके पार्टनर हैं. यह दिलचस्प है कि पंजशीर में तालिबान की बर्बरता पर ईरान बोल रहा है और अमेरिका ख़ामोश है.”

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने तालिबान को लेकर ईरान के रुख़ को पाकिस्तान के लिए निराशाजनक कहा है. अपने एक वीडियो ब्लॉग में अब्दुल बासित ने कहा है, ”ईरान ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि पंजशीर प्रांत पर कब्ज़े में पाकिस्तानी एयर फ़ोर्स शामिल था. ईरान की सरकार ने तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर विरोध-प्रदर्शन की भी अनुमति दी. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान तालिबान का समर्थन कर रहा है.”

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