भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और सात बार के विधायक बंशीधर भगत शनिवार को हल्द्वानी कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने भाजपा पार्षद अमित बिष्ट के साथ बदसलूकी की और अपराधियों जैसा व्यवहार किया। बिष्ट को उनके घर से देर रात उठाकर थाने लाया गया और अगले दिन तक बैठाए रखा गया। भगत ने कहा कि हल्द्वानी में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है लेकिन पुलिस उसे रोकने के बजाय भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कोतवाली का पूरा स्टाफ नहीं बदला जाएगा, उनका धरना जारी रहेगा।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पार्षद अमित बिष्ट ने स्ट्रीट लाइट के मसले पर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद उनके होटल पर पथराव हुआ और सोशल मीडिया पर गलत वीडियो वायरल कर उन्हें मारपीट के आरोप में थाने ले जाया गया, जहां कथित रूप से बदसलूकी हुई। इसी के विरोध में भगत ने धरना दिया। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त कर दिया। इस घटना पर एसएसपी नैनीताल प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






