नई दिल्ली : देश की आर्थिक असमानता को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि “भारत में गरीबों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि पैसा कुछ अमीर लोगों के हाथ में केंद्रित होता जा रहा है।”
गडकरी एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने आर्थिक नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा
“देश में धन का विकेंद्रीकरण ज़रूरी है। हम ऐसी आर्थिक व्यवस्था नहीं बना सकते जिसमें केवल कुछ ही लोगों को समृद्धि मिले और बाकी जनता गरीबी में जीती रहे।”
गडकरी ने क्या कहा?
- नीतियों में संतुलन लाने की ज़रूरत है ताकि आर्थिक लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
- निवेश और रोजगार केवल मेट्रो शहरों तक सीमित न रहकर ग्रामीण और पिछड़े जिलों तक पहुँचे।
- सड़क और बुनियादी ढाँचा विकास में भी स्थानीय समुदायों को अधिक लाभ मिलना चाहिए।
गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कई रिपोर्ट्स यह दिखा रही हैं कि भारत में संपत्ति का 40% से अधिक हिस्सा केवल 1% अमीरों के पास केंद्रित है, जबकि आम आदमी महंगाई, बेरोज़गारी और सामाजिक सुरक्षा की चुनौतियों से जूझ रहा है।
नीति सुधार की मांग
गडकरी ने अप्रत्यक्ष रूप से नीति निर्माताओं और आर्थिक सलाहकारों से इस असंतुलन को दूर करने के लिए “जमीनी स्तर पर समावेशी नीति” अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि “सामाजिक विकास” भी सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए।






