वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2025 के फाइनल मुकाबले में एबी डिविलियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 गेंदों में नाबाद 120 रनों की जबरदस्त पारी खेली और अपनी टीम साउथ अफ्रीका चैंपियंस को चैंपियन बना दिया। पाकिस्तान चैंपियंस द्वारा दिए गए 196 रनों के लक्ष्य को साउथ अफ्रीका की टीम ने सिर्फ 16.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
साउथ अफ्रीका चैंपियंस को खिताब जीतने के लिए 196 रनों का बड़ा लक्ष्य मिला था। लेकिन डिविलियर्स ने अकेले दम पर इस चुनौती को आसान बना दिया। उन्होंने 60 गेंदों में नाबाद 120 रन ठोक दिए वो भी 12 चौके और 7 गगनचुंबी छक्कों के साथ। उनके बल्ले से निकलती हर बाउंड्री ने यह एहसास दिलाया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता अभी खत्म नहीं हुआ है।

अमला के साथ क्लासिक शुरुआत, डुमिनी के साथ पावरफुल एंडिंग
लक्ष्य का पीछा करते हुए डिविलियर्स के साथ ओपनिंग करने आए हाशिम अमला ने भी शुरुआत में तेजी से रन बटोरे। दोनों ने पहले विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी की, जिसके बाद अमला 18 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद मैदान पर आए जेपी डुमिनी ने डिविलियर्स के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाज़ों को कोई वापसी का मौका ही नहीं दिया। डुमिनी ने भी कमाल की बल्लेबाज़ी की 28 गेंदों में नाबाद 50 रन, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। दोनों ने मिलकर मैच को 16.5 ओवर में ही खत्म कर दिया, और साउथ अफ्रीका चैंपियंस को ट्रॉफी दिला दी।
पाकिस्तान की शुरुआत बढ़िया, लेकिन मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गया
इससे पहले पाकिस्तान चैंपियंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी और ओपनर शरजील खान ने शानदार 76 रन ठोके। हालांकि, उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ 50 तक नहीं पहुंच सका। साउथ अफ्रीका की सधी हुई गेंदबाज़ी के सामने पाकिस्तान 195 रन ही बना पाया। हार्डस विज्लोन और वेन पर्नेल ने 2-2 विकेट चटकाए, जबकि इमरान ताहिर ने भी एक विकेट झटका।
डिविलियर्स ने फिर याद दिलाया कि ‘Mr. 360’ अब भी है फॉर्म में
ये मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि इस बात की याद दिलाने वाला था कि डिविलियर्स जैसे खिलाड़ी उम्र से नहीं, जुनून से खेलते हैं। 41 साल की उम्र में इस तरह की पारी खेलना सिर्फ अनुभव नहीं, जुनून और टैलेंट का मेल होता है। और फैंस को शायद यही सबसे ज़्यादा रोमांचित करता है।






