Home / News / एमडीडीए के मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा को बचाने वाले अधिकारियों पर विजिलेंस जांच

एमडीडीए के मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा को बचाने वाले अधिकारियों पर विजिलेंस जांच

एमडीडीए के मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा को बचाने वाले अधिकारियों की होगी विजिलेंस जांच प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम के पास जाँच लंबित
(आजाद अली, राष्ट्रीय अध्यक्ष – जन अधिकार पार्टी (ज))

दिनांक 29 नवंबर 2025 को जन अधिकार पार्टी (ज) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीए) में तैनात मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा द्वारा किए गए घोर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और जनजीवन को खतरे में डालने वाले आपराधिक कृत्यों को ठोस तथ्यों एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ सार्वजनिक किया गया था।

मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा ने नाला-खाल से लगी एवं जिला अधिकारी देहरादून द्वारा स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से नक्शे स्वीकृत किए। विशेष रूप से, नाला-खाल की भूमि पर अपनी पुत्रवधू की कंपनी की ग्रुप हाउसिंग योजना का नक्शा पास कर उन्होंने न केवल कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि आम नागरिकों की जान-माल को गंभीर खतरे में डालने का आपराधिक कृत्य किया।

यह अत्यंत गंभीर विषय है कि इतने स्पष्ट तथ्यों के बावजूद कई महीनों से जांच जानबूझकर लंबित रखी गई है। हाल ही में मैं स्वयं प्रमुख सचिव, आवास विकास, उत्तराखंड शासन, मीनाक्षी सुंदरम जी से मिला, जिन्होंने शीघ्र जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। किंतु इसके बावजूद शासन के भीतर बैठे कुछ अधिकारी लगातार मुख्य अभियंता हरिचंद सिंह राणा को बचाने, फाइलें दबाने और जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अपने आप में एक बड़ा घोटाला है।

जन अधिकार पार्टी स्पष्ट चेतावनी देती है कि हरिचंद सिंह राणा को संरक्षण देने वाले, जांच को कमजोर करने वाले और भ्रष्टाचार में सहभागी अधिकारियों को चिन्हित किया जा चुका है। शीघ्र ही सभी साक्ष्यों के साथ यह मामला माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर विजिलेंस जांच, निलंबन, एफआईआर और कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।

यह स्पष्ट किया जाता है कि हरिचंद सिंह राणा के भ्रष्टाचार की सूची लंबी है, और अब पार्टी किसी भी कीमत पर इस मामले को दबने नहीं देगी। केवल राणा ही नहीं, बल्कि उन्हें बचाने वाले हर अधिकारी पर भी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। यदि शासन ने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो जन अधिकार पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Tagged:
[post-views]
Share
Now