नई दिल्ली
संयुक्त पत्रकार महासभा ने प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को ज्ञापन भेजकर पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि देशभर में पत्रकारों पर लगातार हमले, फर्जी मुकदमे, उत्पीड़न और सेंसरशिप के दबाव बढ़ रहे हैं, जिससे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कमजोर होता जा रहा है
राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने बताया कि महासभा ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि
1️⃣ पत्रकारों पर हो रहे हमलों और उत्पीड़न के मामलों पर प्रेस काउंसिल तत्काल संज्ञान ले
2️⃣ फील्ड में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा हेतु ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं
3️⃣ फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्यवाही हो
4️⃣ पत्रकारों को कानूनी संरक्षण देने के लिए सख्त प्रावधान किए जाएं।
5️⃣ स्वतंत्र पत्रकारिता में हस्तक्षेप करने वाले तत्वों के खिलाफ जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
सरताज अहमद ने कहा कि
“पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो जनता की आवाज भी दब जाएगी
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि सूचना एवं प्रसारण मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री मुख्य सचिव और सूचना निदेशक को भी भेजी गई है






