अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कई बड़े दावे और कई अहम बाते कहीं। अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा। साथ ही ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ न देने पर नाटो देश को भी आढे हाथ लिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्र को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओबामा ने ईरान के मामले में गलती की थी।
हालांकि ट्रंप ने सीधे तौर पर ओबामा प्रशासन के दौरान हुए युद्ध हमले का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में उसे एक बड़ी गलती बताया। ट्रंप ने आगे कहा कि राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उस गलती को सुधारने का उन्हें अवसर मिला, जिसे वे अपने लिए सम्मान की बात मानते हैं। ट्रम्प ने कहा की इस समझौते के बाद ईरान उस पर हस रहा है ,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप का इशारा ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते की ओर था। उनका कहना था कि उस समय भी ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा किए गए ईरान परमाणु समझौते को खत्म कर दिया, क्योंकि वह उनके अनुसार एक बड़ी गलती थी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओबामा सरकार ने ईरान को बड़ी रकम (लगभग 1.7 अरब डॉलर) दी, ताकि उसका भरोसा और समर्थन हासिल किया जा सके, लेकिन इससे कोई भी फायदा नही हुआ। ट्रम्प ने आगे कहा की उसने ईरान पर निर्णायक जीत हासिल कर दी है ,और यह युद्ध एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है ,साथ ही ट्रंप ने कहा की ईरानी सैना पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है ,साथ ही उसके नौ सेना और वायु सेना भी लगभग समाप्त हो चुकी है। इसके साथ ही उसके मिसाइल भंडार भी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब नेतृत्व में बदलाव हो चुका है। उनके अनुसार, पुराना नेतृत्व काफी हद तक हट गया है और उसकी जगह अब कम कट्टरपंथी लोग आ गए हैं।
उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में हमले और तेज हो सकते हैं, और जरूरत पड़ी तो उसके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नुकसान पहुंचाया जा सकता है।ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े हमले कर सकता है।
रिपोर्ट -किरन






