बरेली/शाहजहांपुर। जल भरकर शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे कांवड़ियों का जत्था शुक्रवार सुबह सड़क हादसे का शिकार हो गया। शाहजहांपुर जिले के थाना जैतीपुर क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने कांवड़ियों के साथ चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में करीब 12 कांवड़िए घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो कांवड़ियों को बरेली जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मृतकों की पहचान गुड्डू कश्यप और अमन सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बेलाडांडी से जल भरकर लौट रहा था जत्था
परिजनों के अनुसार, शाहजहांपुर के थाना जैतीपुर क्षेत्र के गांव बमियाना से करीब 15 से 20 कांवड़ियों का जत्था जल लेने के लिए बेलाडांडी गया था। शुक्रवार सुबह कांवड़िए वहां से जल भरकर अपने गांव लौट रहे थे। सभी को गांव के शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करना था।
जत्थे के साथ एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी चल रही थी। कांवड़िए नवादा रोड स्थित मानपुर गांव के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली में सवार और आसपास चल रहे कई कांवड़िए सड़क पर गिर पड़े।
परिजनों का आरोप—कई मीटर तक घसीटता चला गया ट्रक
परिजनों का आरोप है कि टक्कर के बाद ट्रक चालक ने वाहन नहीं रोका और कांवड़ियों को अपनी चपेट में लेते हुए आगे बढ़ता चला गया। उनका दावा है कि ट्रक करीब 200 मीटर तक आगे गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और साथ चल रहे कांवड़ियों ने घायलों को संभाला और पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गुड्डू कश्यप और अमन सिंह ठाकुर की हालत बेहद गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
दोनों घायलों को एंबुलेंस से बरेली जिला अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो कांवड़ियों की मौत की सूचना से गांव में मातम पसर गया।
शिवम, अंकित, छोटे और जतिन समेत कई घायल
हादसे में शिवम मिश्रा, अंकित मिश्रा, छोटे मिश्रा और जतिन समेत करीब 10 अन्य कांवड़ियों के घायल होने की बात सामने आई है। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद कांवड़ियों के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला। उनका कहना है कि सावन के दौरान कांवड़ियों की आवाजाही वाले मार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे से जुड़े ट्रक और चालक के संबंध में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। घटना के वास्तविक कारण और ट्रक की गति सहित अन्य तथ्यों की स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।





