अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा/उमरेली। जिले में एक ओर खनिज और राजस्व विभाग अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले की सीमा से लगे उमरेली क्षेत्र में कथित रूप से बड़े पैमाने पर ईंट भट्ठों का संचालन जारी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर लाखों रुपए के इस कारोबार की भनक जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं लगी?
मीडिया टीम को फील्ड कवरेज के दौरान भारी मात्रा में ईंटों का परिवहन करते वाहन दिखाई दिए। पड़ताल में जानकारी मिली कि क्षेत्र में कुशल प्रधान द्वारा ईंट भट्ठे का संचालन किया जा रहा है। यदि यह संचालन बिना आवश्यक अनुमति और नियमों के हो रहा है, तो यह सीधे-सीधे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
मामले में जब बरपाली तहसीलदार सत्यपाल राय से जानकारी ली गई तो उन्होंने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर न निरीक्षण हुआ और न ही किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई। अब अधिकारी का फोन भी रिसीव नहीं होने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में खुलेआम ईंटों का उत्पादन और परिवहन हो रहा है तो क्या राजस्व और संबंधित विभागों की नजर वहां तक नहीं पहुंची, या फिर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया?
हालांकि, यह भी संभव है कि अधिकारी अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हों और जांच प्रक्रिया जारी हो। लेकिन जब तक जांच नहीं होती, तब तक अवैध संचालन के आरोपों और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर सवाल उठते रहेंगे









