पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अंतिम संस्कार में कथित रूप से राज्य प्रोटोकॉल और सम्मान न दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में उनके पोते डॉ. अविरल मलिक द्वारा की गई शिकायत को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने स्वीकार करते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आयोग ने इस शिकायत को डायरी नंबर 8679/IN/2026 के तहत दर्ज किया है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 5 अगस्त 2025 को निधन के बाद भी पूर्व राज्यपाल को न तो पूर्ण राज्य सम्मान दिया गया और न ही केंद्र या राज्य सरकारों की ओर से औपचारिक शोक संदेश जारी किया गया।
बताया गया है कि सत्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर, बिहार, ओडिशा, गोवा और मेघालय जैसे राज्यों के राज्यपाल रह चुके थे और एक वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारी के रूप में उनकी पहचान रही है। ऐसे में उन्हें अंतिम विदाई के दौरान राज्य प्रोटोकॉल न मिलना “गरिमा के उल्लंघन” के रूप में देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ता डॉ. अविरल मलिक ने कहा कि उनके दादा ने देश सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों की आवाज उठाई, इसलिए उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए था। उन्होंने आयोग से निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, परिवार से औपचारिक माफी और भविष्य के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तय करने की मांग की है।
इस मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा संबंधित प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आने वाले दिनों में इस संवेदनशील मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
पूर्व राज्यपाल स्व. सतपाल मलिक को राजकीय सम्मान न मिलने का मामला गरमाया NHRC ने जांच शुरू की






