सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम्स में रखा जाए, ताकि वे खुले में न घूमें और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। यह कदम हाल में बढ़ते कुत्तों के हमलों और संसद में पेश की गई रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि जिन्हें सड़क से हटाया जाएगा, उनकी देखभाल की पुख्ता व्यवस्था हो और वे दोबारा सड़कों पर न लौटें।
इस फैसले पर समाज बंटा नजर आ रहा है—कुछ लोग इसे जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि कुछ घटनाओं की वजह से सभी कुत्तों को सजा देना सही नहीं। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह के साथ सामाजिक कार्यकर्ता जोगिंदर सिंह, विभा चुग और संजय महापात्रा ने भी अपनी राय रखी।






